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मैं हार गया

मैं हार गया 
अपने बनाये गए उन्हीं आदर्शों से
जो मैंने कभी अपने लिए बनाये थे
जिन आदर्शों के भरोसे जिंदगी काटने की सोची थी
मैं आज हार गया
अपनी ही नज़रों में गिर गया

हमने अपने आपको हारते देखा है


अपने सपनों को टूटता हुआ देख कर
अपने भविष्य को बिखरा हुआ देख कर
उन अरमानों के बोझ तले दब गया हूँ मैं
अपने हौसलों को टूटता हुआ देखकर बिखर गया हूँ मैं
आज मैं सचमुच हार गया
मैं हार गया हूँ अपने उम्मीदों से
मैं हार गया हूँ अपने ख्वाहिशों से
हार हुई है मेरी अपने नज़रों के सामने
हारा हूँ मैं अपनी ही जिंदगी के सामने
पता नही कैसे लेकिन आज मैं हार गया हूँ
न जाने कब मेरी हार हो गयी
कब मेरी तकदीर मुझसे रूठ गयी
लेकिन सच में आज मैं हार गया

One reply on “मैं हार गया”

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